नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का मानना है कि इस बीमारी के प्रमुख कारणों में हमारे रोजमर्रा के भोजन में सफेद चीनी, मैदा और चावल जैसी खाद्य वस्तुओं की अधिकता है. आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष
डॉक्टर के.के. अग्रवाल ने बताया, ''रिफाइंड चीनी में कैलोरी की भारी मात्रा होती है, जबकि पोषक तत्व बिल्कुल नहीं होते. इसके उपयोग से
पाचन तंत्र पर काफी बुरा असर पड़ सकता है और मधुमेह जैसी जीवनशैली से
जुड़ी अनेकों बीमारियां होती हैं.'' उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में पैकेट बंद खाद्य पदार्थ हर घर में जगह बना चुके हैं. आटा का उदाहरण लें तो यदि आटा में मैदा न मिलाया जाये तो वह ज्यादा
दिनों तक टिक नहीं सकता,